माया कैसे रची जाती है भाग -29 ग्रहो की दशाओ का प्रैक्टिकल फल
अब राहु आता है महादशा में वो कहता है चल जल्दी से हासिल कर इन सभी चीजो को चाहे कुछ भी करना पड़े ,फिर व्यक्ति की बुद्धि पर अधिकार स्थापित करता है और वो उस भौतिक वस्तु को प्राप्त करने के लिए जी जान लगाता है ,अब वह अगर उसके योग्य हुआ तो ठीक वरना दुष्कर्म करके ही हासिल करवा देगा । लेकिन याद रहो सुख नही देगा सिर्फ illusion देगा ।
इतने में गुरु देव आ जाएंगे भरपाई करने व कहेंगे जो किया सो किया अभी भी वक़्त है सुधर जा ।गुरु कहते है समय रहते आ गया हूं हर किसी की कुंडली मे तो आ भी नही पाता हूं ,चल किसी गुरु को शरण पकड़ ले ,थोड़ा भक्ति भाव कर ले फिर जाकर, तेरे जो हालात हुए है पिछले दशा में एक मौका दे रहा हु कर्मो का पश्चाताप करने के लिए।
फिर इतने में जी शनि देव आते है कहते है बेटा 2 दशा तूने भोग ली चल अब उसका हिसाब कर लेते है अब जिनके पूर्व दो दशाय बढ़िया गई वो शनि की दशा में सीखता है और सिर्फ प्रैक्टिकल ज्ञान लेता है और शनि अपनी दशा में ये बोध जरूर कर देते है कि खुद से बढ़कर अपना कोई सहारा नही है ।जमकर मेहनत कराएंगे बदन तोड़ परिश्र्म कराएंगे इसकी पूरी दशा में आप कर्म योग में एक्टिव हो जाते हो
फिर उतने में बुध आ जाते है वो कहते है चल बेटा अब बहुत टाइम हो गया थोड़ा पैसा तो इखट्टा कर ले ,इस बुद्धि का कहि तो इस्तमाल कर।ओर पूरी दशा में सिर्फ पैसा इखट्टा करने में रह जाता है
उतने में केतु आते है वो कहते मूर्ख क्या कर रहा है ये 2 min के भौतिक सुख मिलने वाली वस्तुओं पर इतने बल बुद्धि क्यों लगा रहा है चल तू अंतरात्मा पर काम कर तेरा पूरा जीवन सफल हो जाएगा।इतने में व्यक्ति गुरु को ढूंढता है ,कि कोई उसकी मदद करे फिर उसे गुरु मिलता है जो खुद ही ऐशो आराम में जी रहा होता है बड़ी गाड़ियों से उतरता है मतलब भैतिक सुख में पूरा लिप्त है नाम का गुरु है बस
क्योंकि उसको शुक्र की दशा चल गई थी।वह अब फिर माया करेगा और कहेगा भाड़ में जाय यार ये सब, तू मजे ले इस जीवन के दोबारा नही मिलेगा।
फिर सूर्य देव आ जाते है वो कहते है वक़्त कम है मेरा अब। तूने जितने गुल खिलाने थे खिला दिए अब कुछ तो मान सम्मान कमा ले वरना ऐसे ही मर जायेगा तो ओर लोग कहेंगे कुछ भी करके नही गया और व्यक्ति फिर समाज से जुड़ जाता है ।इतने में चंद्र आ जाते है इसके समय मे व्यक्ति असल मे खुद के बारे में बहुत सोचता है सब सीरियस लेता है ,जो जहाँ कहेगा वहाँ मुड़ जाएगा बहुत लोग मिलते है जो अपनापन दिखाते है लेकिन वह सब झूठ होता है इसके समय मे ये दिल भी बहुत तोड़ता है।फिर सोचते ही सोचते मङ्गल आ जाते इसमें जो कहते है जो हुआ सो हुआ अब भटकना बन्द कर दे।Reality में जीवन जी, धरातल पर आ जा।ओर मेहनत कर बस क्योंकि ये सब माया है तू काम पर ध्यान दे तभी 3 वक़्त की रोटी खा पायेगा।सब दशा का कर्म ऐसा ही है सब आपको न कही भ्रम में रखते है अब ये आपके ऊपर है कि आप कैसे लेते है इसे
Written by CTC indrajeet
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