💥 केतु का उद्देश्य समझो ::::::💥
जैसा आज के समय मे केतु को वैरागी ,साधु संत घर से दूर भाग जाने वाला कह रहे है ऐसा नही है केतु। मेरे अनुसार केतु का मुख्य उद्धेश्य यह है कि इन भौतिक सुखों में तुम इतना मत खो जाओ की तुम अपना main लक्ष्य ही भुल जाओ। क्योंकि भौतिक वस्तुएँ भी जीवन व्यापान करने के लिए महत्वपूर्ण है लेकिन ये भौतिक सुख तुम्हे सिर्फ जब तक तुम जीवित हो तब तक ही मिलेंगें बस जो तुम अपने साथ ले जा सकते हो वो है नेक कर्म, आध्यत्म, भक्ति.,यही केतु है वरना इसी वजह से वो एक उबासी और भूतकाल में उस काम को already अच्छे से कर लिया है ऐसा अनुबह्व देता है ओर ऐसी feeling आप मे आ सकती है कि क्या करना इस काम को छोड़ो में इसमें पहले ही master हु ,और ये भाव अनुसार करता ही है ।जैसे लग्न में होगा तो ऐसे व्यक्ति एक complete man हो सकता है पिछले जन्म में क्यूंकि केतु जिसको अन्तर्ज्ञानी बना दे वो complete man ही हो सकता है इसलिए इस जन्म में लग्न में बैठने में कई ups and downs देगा ।वैसे ही धन भाव मे बैठने से ये आपको परिवार और धन संभंधित अप्रत्याशित फल दे सकता है ,यानी अजीब सी फीलिंग।मेरे अनुसार इसका लॉजिक यह भी है कि जो काम तुम पहले करके आ चुके हो उसे दोबारा क्यों करना ऐसे में भगवान भी नाराज होंगे कि मूर्ख तुझें इसलिए मनुष्य का जन्म नही दिया है मैंने, कुछ नया कर । अब ये मत पूछना की मेरा केतु यहाँ है वहाँ है ।बारह भाव से जो विचार करते है उससे खुद relate करो।
Written by CTC indrajeet

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