
12 भावो की माया


12 भावो की गाथा


लग्न तो बेचारा कर्ता है सब इसे ही भोगना है ।ये आपको बताता है कि क्या तेरा मकसद है ,उस मकसद को पूरा करने के लिए बल है भी या नही ।क्योंकि ये भाव आप हो ,लग्न छोड़कर जितने भी भावो से सुख दुख प्राप्त होंगे वह इसे ही झेलने है

द्वितीय और सप्तम भाव से ऐसा समझो जो व्यक्ति जिसको सबसे कीमती या प्रिय समझता हैं वह बस temporary है। क्योंकि इसके होने के बाद भी व्यक्ति सुखी नही है।चाहे धन हो या पति- पत्नी ,परिवार आदि।इसकी असलियत तो ये है कि व्यक्ति
बड़ी आशा से पहले इसको प्राप्त करने के पीछे भागता है और जब प्राप्त हो जाता है तो सोचता है मुझे सुख मिलेगा लेकिन वो और ज़िम्मेदारियों के तले दब जाता है

तीसरा भाव एकादश भाव तो दिखावा है ये नकली इच्छाओं की पूर्ति कराएगा जो चंद समय का भौतिक सुख देगा और समय बीतते ही फिर चले जाएगा और नकली धन संपत्ति की तरफ आपको प्रतिस्पर्धा कराएगा।ये इतना काम की भावना पैदा करेगा कि फिर आप अपना अट्टाचमेंट ही नही कम कर पाओगे इस दुनिया से,ये दुनिया की तरफ आपको attraction देता है आप इसके पीछे भागते है।

वही चतुर्थ भाव ,अष्टम और द्वादश भाव आपको जिंदगी के real मकसद की तरफ मोड़ते है जो मोक्ष है । जिसको पाना कठिन है और वही पा सकता है जो अन्तर्ज्ञानी हो।चतुर्थ भाव कहता है दूसरे जगह मत भाग अपने अंदर आत्मा पर काम कर परमाननंद को प्राप्त होगा वही अष्टम भाव कहता है रुक तुझे मृत्यु देकर जिम्मेदारी से विदा कर देता हूं

,और बारवा भाव कहता है कि चतुर्थ अष्टम भाव मे तुमने जैसा काम किया है वैसे ही अब मोक्ष या भौतिक जीवन मे आगे बढ़ेंगे

वही पंचम नवम भाव से ये समझो की ये सबसे बड़ी लक्ष्मी है जिसकी आज के समय मे कोई value नही रह गई क्योंकि ये धर्म है और धर्म का कलयुग में अस्तित्वत आपको दिख ही रहा है।आज के समय मे माता पिता बच्चों को संस्कृति सिखाने के बदले मोबाइल पकड़ा के राहु जैसा आधुनिक बनाना चाहते है। ये देश काल परिष्तिथी ही है जो आज के समय मे व्यक्तियों को त्रिकोण के ग्रहों की दशाय भो विशेष लाभ नही दे रही क्योंकि वो उसके विपरीत भाग रहे है।

छटा, अष्टम और द्वादश भाव ,हमे इसलिए दिए गय है जो आपकी काबिलियत का आपको बोध कराए की कठिन समय मे भी आप खड़े हो या थक हार के बैठ चुके हो।ये आपके धन ,मित्र ,करीबी रिश्तेदार, सारे assets, सब का टेस्ट लेते है अगर कठिन समय मे यह आपके पास है तो कहना ही क्या क्योंकि इनकी दशाय में अधिकतर ये सब साधनो की कमी हो जाती है।विपत्ति में,पाकर आपके रिश्तदार भी भाग जाते है।
- written by Indrajeet Ctc
Understanding astrology in easiest ways.
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