कर्ज की प्रकृति को समझो!

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Loan!!depth
आपने देखा होगा कर्ज का कारक मंगल माना गया है ।अधिकांश लोग सिर्फ जब कुंडली दिखाने जाते है तो ज्योतिषि उनको मंगल के उपाय बता देते है लेकिन क्या ये सही है ?
देखिये मङ्गल को कर्ज का कारक मानने का जो लॉजिक है , कि मङ्गल छठे भाव का नैसर्गिक कारक है जिस वजह से कर्ज, ब्याज ऋण ये सब उसके अंदर आते है ।
अब क्या सिर्फ मङ्गल के पीछे पड़े रहने से आपका कर्ज खत्म हो जाएगा नही कभी नही ये सबसे बड़ी बेवकूफ़ी है ।
देखिये गुरु धन का कारक है अब कर्ज की किश्त जमा करनी है तो धन भी होना चाहिए इसलिए रीपेमेंट हम गुरु से देखते है ।अब कर्जा कितनी अच्छे ढंग से आपका जाएगा वह मैनेजमेंट करना आपको बुध सिखाता है ।नैचुरली बुध यानी गणेश जी और गणेशजी जी कृपा की रहे तो विघ्न भी नही आने वाले आपके काम मे। बुध आपको एक अच्छा मैनेजमेंट देता है जिससे आप कैलक्यूलेट करके अपना काम समय से कर सकते है ।
अब देखिये आपने कर्ज किस लिया लिया है ? जैसे भूमि के लिए लिया है तो मङ्गल के उपाय काम चला देंगे लेकिन उस भूमि में बने घर के इंटीरियर डिजाइन के लिए लिया है फिर मङ्गल नही फिर शुक्र काम में आ जायेगा ।अब आपका बच्चा पढ़ाई के liye लोन ले रहा है तो यहाँ मङ्गल की गलती नही है आप गुरु को पकड़ो। अब आपने कोई बड़ी फैक्ट्री लगाने की सोची तो उसमे मङ्गल की गलती नही है शनि को पकड़ो ।
इसलिए जिस प्रकार का लोन लिया है और वह जिस ग्रह के कारकतत्व के अंदर आता है उसको मङ्गल ,गुरु ,बुध के साथ मिलकर काम करो धीरे धीरे बात बन जाएगी।
और हा महिने की इनकम 50 हज़ार है सिर पर 1 करोड़ का लोन है इसमें उपाय करने से कुछ नही होगा इसमें आपको अजीविका के साधन बढ़ाने बढ़ेंगे यानी इनकम इनक्रीस करनी होगी ।ये बात दिमाग से निकाल दीजिएः की आप कमा रहे हो 10 हज़ार ओर सिर पर लाखों का कर्ज है तो इसमें ज्योतिषि क्या कोई भी आपकी मदद नही कर सकता ,खुद अपनी सैलरी को बढ़ाइए फालतू खर्च कंट्रोल करें ।🙃🙃
Written by CTC indrajeet

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